Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for Chapter 7: Depreciation, Provisions and Reserves.
मूल्यह्रास एक स्थायी संपत्ति के बुक वैल्यू में अनुमानित उपयोगी जीवन के दौरान होने वाली स्थायी, निरंतर और क्रमिक कमी है। यह निम्न कारणों से होता है: - घिसावट और फटाव (Wear and tear) - समय का बीतना (Passage of time) - अप्रचलन (Obsolescence) - दुर्घटनाएँ (Accidents)
| कारण | विवरण |
|---|---|
| सही लाभ/हानि ज्ञात करना | मिलान अवधारणा (Matching Concept) के अनुसार |
| वित्तीय स्थिति का सही चित्रण | बैलेंस शीट में संपत्तियों का उचित मूल्यांकन |
| प्रतिस्थापन के लिए धन जुटाना | भविष्य में नई संपत्ति खरीदने हेतु |
| उत्पादन लागत की सही गणना | मूल्यह्रास को उत्पादन लागत में शामिल करना |
यह सबसे सरल विधि है जहाँ हर वर्ष समान राशि मूल्यह्रास के रूप में चार्ज की जाती है।
फॉर्मूला:
मूल्यह्रास = (मूल लागत - अवशिष्ट मूल्य) / अनुमानित उपयोगी जीवन
उदाहरण तालिका (Example Table): | वर्ष | प्रारंभिक मूल्य | मूल्यह्रास | संचित मूल्यह्रास | पुस्तक मूल्य | |------|------------------|------------|-------------------|--------------| | 1 | ₹1,00,000 | ₹20,000 | ₹20,000 | ₹80,000 | | 2 | ₹80,000 | ₹20,000 | ₹40,000 | ₹60,000 |
इस विधि में हर वर्ष संपत्ति के घटते हुए मूल्य पर निश्चित दर से मूल्यह्रास चार्ज किया जाता है।
फॉर्मूला:
वार्षिक मूल्यह्रास = पुस्तक मूल्य × मूल्यह्रास दर
तुलना तालिका (Comparison Table): | पैरामीटर | SLM विधि | WDV विधि | |----------|----------|----------| | गणना | सरल | जटिल | | कर लाभ | कम | अधिक (आयकर अधिनियम द्वारा मान्य) | | संपत्ति मूल्य | शून्य तक पहुँच सकता है | कभी शून्य नहीं होता |
मूल्यह्रास खाता नाम (Dr.)
संपत्ति खाता जमा (Cr.)
मूल्यह्रास खाता नाम (Dr.)
मूल्यह्रास प्रावधान खाता जमा (Cr.)
एक प्रावधान ज्ञात देयता के लिए बनाया गया आरक्षण है जिसकी राशि सटीकता से निर्धारित नहीं की जा सकती।
प्रमुख विशेषताएँ: 1. लाभ-हानि खाते से चार्ज किया जाता है 2. लाभ हो या हानि, बनाया जाना अनिवार्य है 3. उदाहरण: संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान, कर प्रावधान
संचय लाभों का वह हिस्सा है जो व्यवसाय की वित्तीय स्थिति मजबूत करने या भविष्य की आकस्मिकताओं के लिए रखा जाता है।
संचय के प्रकार: 1. राजस्व संचय: सामान्य व्यावसायिक लाभ से बनाया जाता है 2. पूँजी संचय: पूँजीगत लाभ से बनाया जाता है (जैसे स्थायी संपत्ति की बिक्री से लाभ) 3. गुप्त संचय: जिसका उल्लेख बैलेंस शीट में नहीं किया जाता
flowchart TD
A[Fixed Asset Purchased] --> B{Depreciation Method?}
B -->|SLM| C[Equal Annual Charge]
B -->|WDV| D[Reducing Balance Charge]
C --> E[Profit & Loss A/c]
D --> E
E --> F[Balance Sheet]
F --> G[Provisions]
F --> H[Reserves]
| तुलना का आधार | प्रावधान (Provision) | संचय (Reserve) |
|---|---|---|
| अर्थ | किसी ज्ञात दायित्व अथवा हानि के लिए लाभ में से अलग रखी गई राशि, जिसकी सही रकम निश्चित न हो। | भविष्य की वित्तीय सुदृढ़ता अथवा अज्ञात दायित्वों के लिए रोके गए लाभ का भाग। |
| प्रकृति | लाभों पर प्रभार (Charge against Profit) है। | लाभों का नियोजन (Appropriation of Profit) है। |
| अनिवार्यता | हानि होने पर भी बनाना अनिवार्य है (कानूनी आवश्यकता)। | केवल लाभ होने की स्थिति में ही बनाया जाता है। |
| उद्देश्य | संपत्ति का सही मूल्यांकन एवं सही लाभ/हानि ज्ञात करना। | व्यापार की वित्तीय स्थिति मजबूत करना एवं विस्तार करना। |
| लाभांश वितरण | इसके पैसे से लाभांश नहीं बाँटा जा सकता। | संचय का उपयोग लाभांश बांटने के लिए किया जा सकता है। |
| उदाहरण | डूबत ऋण प्रावधान, मूल्यह्रास प्रावधान, कर प्रावधान। | सामान्य संचय (General Reserve), पूँजी संचय, प्रतिभूति प्रीमियम। |
| बिंदु | राजस्व संचय (Revenue Reserve) | पूँजी संचय (Capital Reserve) |
|---|---|---|
| सृजन का स्रोत | सामान्य व्यावसायिक लाभों (Revenue Profits) से बनाया जाता है। | पूँजीगत लाभों (जैसे संपत्ति की बिक्री पर लाभ, शेयर जब्ती लाभ) से बनाया जाता है। |
| लाभांश वितरण | शेयरधारकों को लाभांश देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र। | सामान्यतः लाभांश के रूप में नहीं बाँटा जा सकता (केवल बोनस शेयर हेतु)। |
| उद्देश्य | कार्यशील पूँजी बढ़ाना और आपातकालीन आवश्यकताओं की पूर्ति। | पूँजीगत हानियों को समाप्त करना। |
जब बैलेंस शीट में संपत्तियों का मूल्य वास्तविक से कम दिखाया जाए या दायित्वों को वास्तविक से अधिक दिखाया जाए, तो एक ऐसा संचय बनता है जो वित्तीय विवरणों में प्रकट नहीं होता। इसे गुप्त संचय कहते हैं। बैंकिंग एवं वित्तीय कंपनियों को वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए गुप्त संचय बनाने की अनुमति होती है।
| तुलना का आधार | सरल रेखा विधि (Straight Line Method - SLM) | क्रमागत ह्रास पद्धति (Written Down Value - WDV) |
|---|---|---|
| मूल्यह्रास का आधार | संपत्ति की मूल लागत (Original Historical Cost) पर। | संपत्ति के घटते हुए अपलिखित मूल्य (Book Value) पर। |
| वार्षिक ह्रास राशि | प्रत्येक वर्ष ह्रास की राशि एक समान (Equal) रहती है। | प्रत्येक वर्ष ह्रास की राशि निरंतर घटती जाती है। |
| संपत्ति का अंतिम मूल्य | संपत्ति का बही मूल्य शून्य (Zero) अथवा अवशिष्ट मूल्य तक घट सकता है। | संपत्ति का पुस्तक मूल्य कभी भी पूर्णतः शून्य नहीं होता। |
| मरम्मत एवं ह्रास का संयुक्त भार | प्रारंभिक वर्षों में कम भार, बाद के वर्षों में भारी बोझ (क्योंकि मरम्मत खर्च बढ़ता है)। | लाभ-हानि खाते पर दोनों का संयुक्त भार हर वर्ष लगभग समान रहता है। |
| आयकर अधिनियम द्वारा मान्यता | आयकर विभाग (IT Act 1961) द्वारा सामान्यतः मान्यता प्राप्त नहीं। | आयकर विभाग द्वारा पूर्णतः स्वीकृत एवं अनुशंसित विधि। |
| उपयुक्तता | पेटेंट, कॉपीराइट, पट्टे (Lease) जैसी संपत्तियों के लिए श्रेष्ठ। | मशीनरी, संयंत्र, मोटर वाहन और भवनों के लिए सर्वोत्तम। |
प्रश्न: एक फर्म ने 1 अप्रैल 2023 को ₹1,00,000 की लागत से एक मशीन खरीदी। अनुमानित उपयोगी जीवन 10 वर्ष तथा अवशिष्ट मूल्य ₹10,000 है। 1. सरल रेखा विधि द्वारा वार्षिक ह्रास दर क्या होगी? 2. उत्तर: $$\text{Annual Depreciation} = \frac{\text{Cost} - \text{Scrap Value}}{\text{Useful Life}} = \frac{1,00,000 - 10,000}{10} = ₹9,000 \text{ प्रति वर्ष}$$ $$\text{Depreciation Rate} = \frac{9,000}{1,00,000} \times 100 = 9\%$$